|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
چاپ شود |
|
|
|
علاقه مندیها |
|
|
|
ارسال به ایمیل |
|
|
|
ارسال به |
|
|
|
ارسال به
|
|
|
|
ارسال به |
|
مسافر
صبر کن
اندکی مانده تا خورشید بر اید
نرم رقص نیلوفران را
در نوازش ترد نسیم
بنگر
ترنم جویبار را
در متن جاری یک حس
بشنو
آنگاه
از سبوی یاد یاران
جرعه ای آب بنوش
بعد با خود بگو
صبح
یعنی که شب گذشت
و برو
|